मधुबनी, जून 18 -- मधुबनी, विधि संवाददाता। मंगलवार को सिविल कोर्ट मधुबनी के नाजिर दुर्गानंद झा ने समाहरणालय मुख्य द्वार के पास नोटिस चिपकाया। काश 2014 में कोलकाता के रतन कुमार केडिया को 33 लाख 40 हजार 168 रुपया भुगतान कर दिया होता तो 10 वर्ष बाद 4 करोड़ 17 लाख 24 हजार 459 रुपए भुगतान करने की नौबत नहीं आती। हाई कोर्ट के रिटायर जस्टिस न्यायमूर्ति घनश्याम प्रसाद ने मेसर्स राधा कृष्ण एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक रतन कुमार केडिया बनाम पंडौल कोऑपरेटिव सूता मिल, बिहार सरकार एवं अन्य के मामले में 20 अगस्त 2014 को आदेश पारित किया था। केडिया के अधिवक्ता वरुण कुमार झा के अनुसार आर्बिट्रेटर श्री प्रसाद ने अपने आदेश में विपक्षी को एडवांस भुगतान 28 लाख 90 हजार 168 रुपया, क्षतिपूर्ति के रूप में 2 लाख रुपया, मुकदमा खर्च 70 हजार तथा आर्बिट्...
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