गोरखपुर, नवम्बर 13 -- गोरखपुर, निज संवाददाता कोरोना काल में पिपराइच की रहने वाली प्रेमशीला के पति नौकरी गंवाने के बाद मुंबई से गोरखपुर पहुंचे तो उनकी जिंदगी अंधकार में लग रही थी। लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों के साथ प्रेमशीला ने प्रयास के क्रम में समूह से जुड़ीं और मधुमक्खी पालन शुरू किया। जिंदगी में शहद से मिठास लौट आई। वर्तमान में ऑनलाइन और ऑफलाइन 500 ग्राहक प्रेमशीला के शहद के खरीदार है। इससे वह 10 लाख से अधिक सालाना की कमाई कर रही हैं। पिपराइच ब्लॉक के बेलाकाटा गांव की रहने वाली 47 वर्षीय प्रेमशीला देवी पति के साथ मुंबई में रहती थीं। पति एक निजी कंपनी में काम करते थे। कोरोना के बाद वह पति के साथ गांव वापस आ गईं। चार बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच हालत बिगड़ते चले गए। निराशा के इन दिनों में उन्होंने हिम्मत नहीं हारीं। समूह से जुड़ने के...