संतकबीरनगर, जनवरी 24 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के स्वास्थ्य महकमे में कोरोना काल के दौरान बनाए गए वार्डों का कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है। लाखों की लागत से खर्च आपदा की हालत में निपटने के लिए इनका निर्माण किया गया था। यही हाल एमसीएच वार्ड में बने एल-3 वार्ड का है। इसकी जरूरत न होने से वेंटीलेटर धूल फांक रहे हैं। हालांकि बीच-बीच में टेस्टिंग होती रहती है। वहीं लोगों को सस्ती स्वास्थ्य जांच के लिए सीएचसी पर हेल्थ एटीएम मशीनें लगाई गई हैं लेकिन उनकी क्षमता का उपयोग नहीं हो रहा है। कोरोना के बाद शासन के निर्देश पर आपात हालत से निपटने के लिए जिला अस्पताल में 32 बेड का कोरोना वार्ड बनाया गया था। इसके साथ ही सात सीएचसी पर 20-20 बेड व कई पीएचसी पर 6-6 बेड का कोरोना वार्ड बनाया गया था। उद्देश्य था कि यदि कोरोना के मरीज आते हैं...