गोड्डा, दिसम्बर 31 -- गोड्डा, प्रतिनिधि। ईसीएल की राजमहल परियोजना ललमटिया कोयाला खदान इन दिनों गंभीर नकदी संकट से गुजर रही है। कोयले की मांग में लगातार गिरावट, विशेषकर पावर सेक्टर से उठाव कम होने के कारण, कंपनी की आर्थिक स्थिति डगमगा रही है। कहलगांव और फरक्का जैसे प्रमुख विद्युत परियोजनाओं ने पिछले कुछ महीनों में कोयले का उठाव एक तिहाई कम कर दी है जिसका सीधा प्रभाव कंपनी के राजस्व पर पड़ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार ललमटिया कोयला खदान के अंदर से रेल मार्ग से सीधे कहलगांव व फरक्का रैक से कोयला भेजा जाता है। कोयला उत्पादन का 90 प्रतिशत इन्ही दो थर्मल पावर में भेजा जाता है हाल के दिनों में दोनों जगहों से मांगें कम गई है। इस वजह से यहां पर कोयले का स्टॉक काफी बढ गया है। कोयले की बिक्री नहीं होने के कारण पैसे भी नहीं मिल रहा है। इसका सबसे बड...