गुमला, नवम्बर 15 -- घाघरा, प्रतिनिधि। प्रखंड की बिमरला पंचायत स्थित कोडले जंगल इन दिनों लकड़ी माफियाओं के लिए सुरक्षित ठिकाना बन गया है। गांव के लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में जंगल से सैकड़ों साल व अन्य मूल्यवान पेड़ों की खुलेआम कटाई कर ली गई है। तस्कर वाहन लेकर बेखौफ जंगल में प्रवेश करते हैं और दिन दहाड़े पेड़ों को काट कर ले जाते हैं। इसके बावजूद वन विभाग के पदाधिकारी कार्रवाई के बजाय खामोश बने हुए हैं। जिससे मिलीभगत की आशंका और प्रबल हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग द्वारा रैयतों की निजी जमीन पर साल भर में केवल 15 पेड़ काटने की अनुमति दी गई थी। इस जानकारी की पुष्टि संबंधित रेंज के प्रभारी फॉरेस्टर शेखर सिंह ने भी की है। उन्होंने बताया कि मई-जून के बीच सभी 15 पेड़ों की कटाई पूरी कर ली गई थी। लेकिन इसी परमिशन को आधार बना कर...