नई दिल्ली, जून 11 -- देश में इन दिनों जाति जनगणना, आरक्षण और कोटे में कोटा जैसी चीजों पर बहस तेज है। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने दलित कोटे में उपवर्गीकरण को सही करार दिया था और उसके आधार पर कई राज्यों ने आरक्षण की नीति तय की है। इसे चीफ जस्टिस बीआर गवई ने सही करार दिया है। उनका कहना है कि कोटे में काटा आरक्षण की नीति पर हमला नहीं है बल्कि यह उन वर्गों के लिए न्याय होगा, जो अब तक पिछड़े हैं। उन तक अब भी न्याय नहीं पहुंच सका है। लंदन में ऑक्सफोर्ड यूनियन में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जस्टिस बीआर गवई ने यह अहम टिप्पणी की। चीफ जस्टिस ने कहा, 'अनुसूचित जाति वर्ग में उपवर्गीकरण आरक्षण पर किसी तरह का सवाल नहीं है। यह तय करता है कि उन लोगों को न्याय मिले, जो ऐतिहासिक रूप से पिछड़े हुए हैं। खासतौर पर उन वर्गों के भीतर जो पिछड़े हुए हैं, जि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.