मथुरा, दिसम्बर 13 -- कोकिला वन को ईकोटूरिज्म के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में वन विभाग ने विकास कार्यों का शुभारंभ कर दिया है। यहां आर्द्र भूमि के पुनरोद्धार एवं उसकी प्राकृतिक क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर गाद एवं सिल्ट हटाने की परियोजना शुरू कर दी है। इसमें करीब दो करोड़ रुपये से 10 हेक्टेयर क्षेत्र में कार्य किया जाएगा। यहां वर्षों से जमा होती गाद एवं सिल्ट ने कोकिला वन की जलभराव क्षमता को कम कर दिया था, इससे क्षेत्र की आर्द्रभूमि प्राकृतिक गुणवत्ता खोती जा रही थी। निर्धारित कार्य के तहत जमीन की परत लगभग एक मीटर तक गहराई में साफ की जाएगी। इससे न केवल जल संचय क्षमता बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र भी जैव विविधता के अनुकूल बनेगा। कोकिला वन हमेशा से पक्षियों एवं वन्यजीवों का सुरक्षित आवास रहा है। गाद-सिल्ट निकासी के बाद यहां के ता...