बागपत, जुलाई 19 -- भगवान भोलेनाथ के पवित्र महीनें में कांवड़ अलग-अलग मनोकामना पूर्ति को ले जाते है। हरियाणा के कांवडिए ने जहां सुख समृद्धि की कामना की है, तो वही किसी ने बेटे की नौकरी की मन्नत मांगी है। श्रद्धालु तीन प्रकार की कांवड़ लेकर जाते है। वही कांवड़ यात्रा के दौरान सिर से उपर कांवड़ नही उठाने से लेकर गूलर वृक्ष की छाया से बचकर निकलने जैसे कई नियम भी होते हैं। दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया है। श्रावण मास में कांवड़ ले जाने का विशेष महत्व है। मान्यता है इससे प्रभु शिव द्वारा पिए विष की गर्मी शांत होती है। इससे भोले शंकर जल्द प्रसन्न होते हैं, इसलिए कांवड़ में भरकर गंगाजल लाते हैं। हरियाणा के सोनीपत निवासी मुकेश ने बताया कि वह परिवार की सुख समृद्धि की कामना के साथ कांवड़ लेकर आए हैं। बताया कि भोलेनाथ के प्रति उन...
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