नई दिल्ली, नवम्बर 24 -- भारतीय क्रिकेट टीम आजकल टीम कम प्रयोगों की प्रयोगशाला ज्यादा लग रही है। प्लेइंग इलेवन चुनने की रणनीति के क्या कहने। ऑलराउंडर रखना है लेकिन उससे बोलिंग करानी ही नहीं। गेंदबाज रखना है लेकिन वो गेंदबाजी नहीं करेगा। बल्लेबाजी क्रम तो जैसे म्यूजिकल चेयर हो। अच्छा चलो, इस पारी में पिछली बार के सातवें नंबर वाले को तीन नंबर पर भेजते हैं। फलां ने पिछली बार तीसरे नंबर पर खेला था, इस पर आठवें पर भेज देते हैं। ना, नौवां ठीक रहेगा। कोच गौतम गंभीर के दौर में प्रयोगशाला की चकरघिन्नी में टीम इंडिया इस तरह पिसी है कि उनके अबतक के कार्यकाल में दूसरी बार घर में टेस्ट सीरीज हार निश्चित दिख रही है। पहले न्यूजीलैंड और अब दक्षिण अफ्रीका की टीम क्लीन स्वीप करने जा रही है। इस हद से ज्यादा एक्सपेरिमेंट को लेकर टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शा...