मथुरा, जून 10 -- ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के सुगम दर्शनार्थ नये भव्य-दिव्य मंदिर निर्माण की जरूरत है। वर्तमान में कॉरिडोर की नहीं बल्कि नव मंदिर निर्माण की जरूरत है। यह विचार व्यक्त करते हुए मंदिर सेवायत व इतिहासकार आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि पिछले कई दशकों के दरम्यान कई मर्तवा बिहारीजी मंदिर में चौक धंसने, गर्भ ग्रह में पानी रिसने, पुरानी कई गौखें गिरने, मंदिर की नालियों में मिट्टी भरने, परिक्रमा में दरारें आने, पत्थर चटकने व चबूतरे पर गहरी पोल निकलने जैसी तमाम घटनायें घट चुकी हैं। इनके संदर्भ में व्यापक स्तर पर सुधार कार्यक्रम भी चले तथा पत्थरों पर विशेष रसायन का लेपन भी किया गया। परेशानी खत्म ना होने पर आईआईटी रुड़की से विशेषज्ञ टीम भी बुलाई गई और उस टीम के जांच दौरे भी हुये, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। फूल बंगले, छप्प...
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