मथुरा, जून 6 -- बांके बिहारी कोरिडोर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश तीर्थ विकास परिषद ने कोरिडोर से जुड़े परिक्रमा मार्ग स्थित यमुना के घाटों तक यमुना का जल लाने की योजना तैयार की है, जिसे देखकर दर्शनार्थियों को वृंदावन की प्राचीनता का अहसास होगा। योजना पर गौर करें तो करीब सवा पांच एकड़ में कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके साथ ही कॉरिडोर से जुड़े परिक्रमा मार्ग स्थित यमुना के घाटों तक यमुना का जल लाने की योजना है। कॉरिडोर के निकट ही यमुना रिवर फ्रंट का विकास भी होना है। परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए भी योजना तैयार की गई है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि सुनरख में 125 एकड़ में कृष्णकालीन पौधों से वन क्षेत्र वन विभाग द्वारा विकसित किया जाएगा। तीर्थ विकास परिषद की पहल पर शुरु हो रही इस वन योजना में पीपल, बरगद, पाखड़, नीम, कदम्ब के वृक्ष लगाए जाएंग...
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