नई दिल्ली, नवम्बर 17 -- नई दिल्ली, मदन जैड़ा। ब्राजील के बेलेम में चल रही जलवायु वार्ता 'कॉप-30' में एक बार फिर जीवाश्म ईंधन की लाबी भारी पड़ती नजर आ रही है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि जीवाश्म ईंधन के इस्तेमाल को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने का रोडमैप इस बार भी तैयार नहीं हो पाएगा। हालांकि, ब्राजील ने सभी देशों से अपील की है कि वह इसके लिए आगे आएं। जलवायु संकट को बढ़ाने में जीवाश्म ईंधन कोयला, गैस और तेल अभी भी सबसे बड़े खलनायक हैं। ताजा रिपोर्ट ये बताती हैं कि हरित ऊर्जा के उत्पादन में बढ़ोत्तरी के बावजूद जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल कम नहीं हो रहा है। यह जरूर है कि बिजली की बढ़ी हुई मांग हरित ऊर्जा से पूरी हो रही है। दो साल पहले दुबई में 'कॉप-28' जलवायु वार्ता के दौरान 200 देशों ने जीवाश्म ईंधन से दूरी बनाने पर सहमति बनाई थी। लेकिन पिछले साल ...