नई दिल्ली, फरवरी 7 -- जनकपुरी इलाके में जलबोर्ड की ओर से खोदे गए 15 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय कमल की मौत के लिए केवल जलबोर्ड ही जिम्मेदार नहीं है। दिल्ली पुलिस और अन्य सिविक एजेंसियों की भी उतनी ही जिम्मेदारी बनती है। जिस सड़क पर हादसा हुआ है वहां घना अंधेरा रहता है और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है। परिजन बेटे के न मिलने की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे तो उन्हें थाने दर थाने घूमना पड़ा। पुलिस ने पीड़ित कमल के मोबाइल की पिन प्वॉइंट लोकेशन निकाल ली, लेकिन उस तक नहीं पहुंच पाई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पहले उन्हें लोकेशन शेयर की फिर वह सुरक्षा का हवाला देते हुए डिलीट कर दी। पुलिस अगर रात ही उस लोकेशन के जरिए सघन तलाशी अभियान चलाती तो शायद कमल को समय रहते गड्ढे से निकाल कर अस्पताल पहुंचाया जा सकता था, जिससे उसकी जान बच जा...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.