नई दिल्ली, जून 6 -- पंजाब के इतिहास की जब भी बात होती है तो बंटवारे का दर्द, खालिस्तान का उभार और 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार का जिक्र किए बना यह अधूरा रहता है। 1 जून से 8 जून तक 1984 में चले ऑपरेशन ब्लू स्टार के तहत भारतीय सुरक्षा बलों ने स्वर्ण मंदिर परिसर में छिपे उग्रवादियों को टारगेट किया था। सुरक्षा बलों का यह ऐक्शन तो खालिस्तानी उग्रवादियों को मार गिराने के लिए था, लेकिन पंजाब में एक वर्ग इसे पवित्र स्थान पर सैन्य ऐक्शन के तौर पर देखता है। लेकिन यह खालिस्तान का जिक्र और भिंडरावाले का उभार जैसी चीजें कोई इतनी सामान्य घटनाएं नहीं थीं, जैसा कि हम पढ़ते आए हैं। इनके पीछे गहरे राजनीतिक मंतव्य थे तो वहीं ऐतिहासिक घटनाक्रम भी ऐसे रहे, जिनसे अलगाववाद को खाद पानी मिला। इस संबंध में हमने हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मलकीत स...
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