सदगुरु, नवम्बर 11 -- आप सिर्फ समय का खिलौना हैं। आपको काल भैरव के उस आयाम तक जाना है, जब आप समय के स्वामी बन सकें। यदि आप समय के स्वामी बन गए हैं, तो इसका मतलब यह है कि आप जीवन और जीवन-प्रक्रिया के भी स्वामी बन गए हैं।एक सुंदर कहानी है। मार्कण्डेय बालक थे। उनके जन्म से पहले ही उनकी आयु का विकल्प चुना गया था, उनके माता-पिता द्वारा। भगवान ने उन्हें वरदान स्वरूप एक विकल्प दिया कि उनके एक पुत्र होगा, जो 100 साल तक जीवित रहेगा, लेकिन मूर्ख होगा। दूसरा विकल्प दिया कि अत्यंत बुद्धिमान पुत्र होगा, जो केवल 16 साल तक जीवित रहेगा।माता-पिता बुद्धिमान थे। उन्होंने निर्णय लिया कि उनके बुद्धिमान संतान हो। वरदान स्वरूप उन्हें मार्कण्डेय के रूप में पुत्र की प्राप्ति हुई। जब उनके पुत्र की मृत्यु के दिन करीब आने लगे, तो उन्होंने उसे यह बात बता दी। बच्चा विश...