जमशेदपुर, फरवरी 24 -- उद्योगपति पुत्र कैरव गांधी अपहरण कांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे साजिश के डिजिटल पहलू की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि अपहरणकर्ताओं ने आपसी संवाद के लिए चर्चित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म सिग्नल का इस्तेमाल किया। वारदात की योजना बनाने से लेकर लोकेशन साझा करने, मूवमेंट की जानकारी देने और फिरौती से जुड़े संकेतों तक अधिकांश बातचीत इसी एप के माध्यम से की गई। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह एप एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन तकनीक पर आधारित है, जिसके कारण संदेश, कॉल और फाइलें सामान्य निगरानी में इंटरसेप्ट करना बेहद कठिन होता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठित अपराध गिरोह भी इस प्लेटफॉर्म का प्रयोग कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े तार एसएसपी पीयूष पांडेय ने बताया क...