पटना, जनवरी 20 -- उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य के बड़ी संख्या में रैयतों के भूमि संबंधी पुराने दस्तावेज कैथी लिपि में है। इस कारण उन्हें परेशानी हो रही है। रैयतों की इस समस्या के समाधान के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग कैथी लिपि विशेषज्ञों का पैनल तैयार कर रहा है। इन विशेषज्ञों को प्रशिक्षण देकर कम दर पर अनुवाद की सुविधा दी जाएगी। इससे आम जनता को राहत मिलेगी और भूमि सर्वेक्षण सहित राजस्व से संबंधित अन्य कार्य अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो सकेगा। कैथी लिपि विशेषज्ञों के लिए पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार को पटना के शास्त्रीनगर स्थित राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान में हुई। मौके पर संस्थान के प्राचार्य दिव्य राज गणेश ने कहा कि बिहार में अधिकतर पुराने खतियान कैथी लिपि में हैं, जिसके कारण आम ...
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