हल्द्वानी, दिसम्बर 8 -- हल्द्वानी। डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में निर्माणाधीन कैथलैब को कोटद्वार की भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) कंपनी करीब 9 करोड़ रुपये लागत की अत्याधुनिक मशीनें दे रही है। इन मशीनों के 15 दिसंबर तक पहुंचने की संभावना है लेकिन सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इनके इंस्टॉलेशन और संचालन के लिए अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट नहीं है। चिकित्सा मानकों के अनुसार कैथ लैब का इंस्टॉलेशन तभी किया जा सकता है जब अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती हो। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन के लिए कैथलैब शुरू होने से पहले ही चुनौती बन गई है। कुमाऊं के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में बनाई जा रही कैथलैब कुमाऊं के हृदय रोगियों के इलाज में वरदान साबित होगी, क्योंकि अभी तक एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के लिए मरीजों को दिल्ली-देहरादून या एम्स ऋषिके...