बगहा, जनवरी 31 -- बेतिया, हिन्दुस्तान संवाददात यूजीसी की इक्विटी नियमवली से संम्बंधित जन हित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक एवं की गई टिप्पणी के खिलाफ आइसा और आरवाईए ने रेलवे स्टेशन से समाहरणालय गेट तक प्रतिवाद मार्च कर सभा का आयोजन किया। आइसा के पूर्व छात्र नेता सुनील कुमार राव ने कहा कि यूजीसी द्धारा लायी गयी नियमावली पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थगन आदेश एक संकीर्ण और विशेषाधिकार प्राप्त चिंतन प्रक्रिया का ही परिणाम है। जाति और नस्लीय भेदभाव कोई मनगढ़न्त अवधारणा या बीती बात नहीं हैं। वे हमारे शैक्षणिक संस्थानों और पूरे समाज में रोज़मर्रा की क्रूर सच्चाई हैं। इंकलाबी नौजवान सभा जिला अध्यक्ष फरहान राजा ने कहा कि यूजीसी के अपने आंकड़ों से पता चलता है कि 2019 और 2024 के बीच विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जाति-आधारित भेदभाव की शिकायतों में 1...
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