नई दिल्ली, फरवरी 12 -- दिल्ली की एक अदालत ने 2016 में अपनी पत्नी की हत्या के आरोपी को 10 साल बाद बरी कर दिया है। शख्स पर पत्नी को पेट्रोल डालकर जलाने का आरोप था। पत्नी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि केवल मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है खासकर तब जब बयान में विरोधाभास हो। अदालत ने सबूतों की कमी और बयानों में अंतर के कारण आरोपी पति को बरी कर दिया। एडिशनल सेशन जज हिमांशु रमन सिंह ने यह भी कहा कि प्रॉसिक्यूशन उत्तम नगर के रहने वाले आरोपी अरविंद चौधरी के खिलाफ आरोप साबित करने में नाकाम रहा। बीते कोर्ट ने 7 फरवरी के एक ऑर्डर में कहा कि अदालत का मानना ​​है कि प्रॉसिक्यूशन आरोपी अरविंद चौधरी के खिलाफ़ बिना किसी शक के अपना केस साबित नहीं कर पाया है। इसलिए आरोपी को आईपीसी सेक्शन 302 (मर...