मथुरा, दिसम्बर 10 -- केवलादेव उद्यान व डीग के महलों का शैक्षिक भ्रमण छाता। सरस्वती विद्या मंदिर के 12वीं विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों ने विश्व धरोहर स्थल भरतपुर पक्षी बिहार एवं डीग के जल महलों का शैक्षणिक भ्रमण किया। यह आर्द्रभूमि साइबेरियन प्रवासी एवं स्थानीय पक्षियों की 370 से अधिक प्रजातियों के लिए प्रसिद्ध है। यहां उन्होंने बत्तख, सारस, पेलिकन, चील, बगुले, आइविस फिशर के साथ नीलगाय, सांभर, चीतल एवं 379 से अधिक फूलों की प्रजाति व मछली की 50 प्रजातियां देखीं। इससे विद्यार्थियों में प्रकृति प्रेम एवं पर्यावरण संरक्षण का बोध हुआ। उन्होंने राजा सूरजमल की राजधानी डीग में फव्बारे जलाशय, मुगल राजपूत वास्तुकला, हवा महल एवं जल महल का दौरा किया। जल महल गुलाबी बलुआ पत्थर का पिरामिडनुमा निर्माण है, इसे महाराजा सवाई प्रताप ने ग्रीष्मकालीन राजधानी क...