नई दिल्ली, जुलाई 14 -- केरल के राज्यपाल, जो राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति भी हैं, को झटका देते हुए हाईकोर्ट ने सोमवार को एकल जज के फैसले को चुनौती देने वाली रिट याचिकाएं खारिज कर दी। फैसले में एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और केरल डिजिटल विश्वविद्यालय में कुलपतियों की अस्थायी नियुक्तियों को अस्थिर घोषित किया गया था। न्यायमूर्ति अनिल के. नरेंद्रन और न्यायमूर्ति पी. वी. बालकृष्णन की हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकल जज के फैसले को बरकरार रखा और इस बात पर सहमति जताई कि इन अधिसूचनाओं को कानूनी आधार नहीं मिला है। अदालत ने कहा कि हालांकि ये नियुक्तियां अस्थायी थीं, फिर भी इनके लिए वैधानिक प्रक्रिया का पालन जरूरी है, जिसमें सरकार द्वारा कम से कम तीन योग्य नामों का एक पैनल प्रस्तुत करना भी शामिल है। पीठ ने कुलपति की भूमिका क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.