संभल, मार्च 13 -- होली हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन होलिका दहन की रस्म निभाई जाती है, जिससे बुराइयां नष्ट होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। संतोषी माता श्री बांके बिहारी मंदिर के पंडित श्याम बिहारी ने बताया कि होली पर गोबर से बनी गूलरी और उपले जलाने की परंपरा धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और घर-परिवार में सुख-शांति लाने का प्रतीक है। गोबर के उपले जलाने से उत्पन्न धुआं वातावरण को शुद्ध करता है और हवन की तरह सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। इसी परंपरा के तहत गेंहूं की बालियां भूनकर फसल कटाई की शुरुआत का संकेत भी दिया जाता है। होली पर आंखों का रखें विशेष ध्यान रंगों के त्योहार होली पर आंखों की सुरक्षा बेहद जरूरी ...
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