मुजफ्फरपुर, नवम्बर 15 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। जिले में कुढ़नी, साहेबगंज और कांटी से मंत्री बनने के बाद अगले चुनाव में हार हो जाती थी। इस मिथक को कुढ़नी से मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता और साहेबगंज से मंत्री राजू सिंह ने तोड़ दिया है, जबकि कांटी से इसराइल मंसूरी की हार से मंत्री बनने के बाद अगला विधायक नहीं बन पाने का मिथक बरकरार रहा। जिले में अब तक नौ विधायक मंत्री बनने के बाद अगला चुनाव हार चुके हैं, जिसके कारण मंत्री बनने के बाद चुनाव हारने का मिथक बना था। सकरा विधानसभा सीट से कमल पासवान और शीतल राम मंत्री बनने के बाद अगला चुनाव नहीं जीत पाए। दोनों नेता दोबारा कभी विधायक ही नहीं बने। कुढ़नी विधानसभा सीट से बसावन भगत और मनोज कुशवाहा मंत्री बनने के बाद दोबारा विधायक नहीं बन पाए। दोनों पूर्व मंत्रियों को अगले चुनाव में ही हार देखनी प...