लखनऊ, फरवरी 9 -- केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में शुरुआती 24 घंटे इलाज के साथ जांच भी शुरू हो गई है। इससे मरीजों ने राहत की सांस ली है। अब मरीजों को शुल्क जमा करने के लिए बार-बार कतार में भी नहीं लगना पड़ रहा है। ट्रॉमा सेंटर में प्रदेश भर से मरीज गंभीर अवस्था में लाए जा रहे हैं। ट्रॉमा में 400 से अधिक बेड हैं। बेड भरने के बाद स्ट्रेचर पर मरीजों को भर्ती कर इलाज मुहैया कराया जा रहा है। अभी तक मरीजों को शुरुआती 24 घंटे इलाज मुहैया कराया जा रहा था। इसमें दवाएं आदि शामिल है। पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी जांच के एवज में मरीजों को शुल्क जमा करना पड़ रहा था। मरीजों की दुश्वारियां दूर करने के लिए केजीएमयू प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। ट्रॉमा सीएमएस डॉ. प्रेमराज सिंह ने कहा कि भर्ती के वक्त मरीज के यूएचआईडी नम्बर में 11 हजार रुपये जमा किए जा रहे हैं। जांच के...
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