नई दिल्ली, दिसम्बर 8 -- केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) में कर्मचारियों की भारी कमी एक बार फिर संसद के जरिए चर्चा में है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा में बताया कि देशभर के केवीएस स्कूलों में 10,000 से भी ज्यादा पद खाली पड़े हैं। दिलचस्प यह है कि 2014 से अब तक 33 हज़ार से अधिक नियुक्तियां हो चुकी हैं, फिर भी नियमित शिक्षकों की कमी दूर नहीं हो सकी है।स्वीकृत और भरे हुए पदों का हाल संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक, 1 नवंबर 2025 तक KVS के कुल 56,520 स्वीकृत पद हैं। इनमें से 46,347 पद ही भरे हुए हैं, जबकि 10,173 पद अब भी खाली चल रहे हैं। यह कमी सिर्फ शिक्षकों में ही नहीं, बल्कि गैर-शिक्षण कर्मचारियों में भी साफ दिखती है।कौन-कौन से पद कितने खाली? सरकारी आंकड़ों के अनुसार, शिक्षण पद 50,414 स्वीकृत थी जिसमें 41,957 भरे वहीं 8,457 खाली...