बाराबंकी, नवम्बर 16 -- रामनगर। कस्बा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन रविवार को वृंदावन से आए आचार्य अखिलेश जी महाराज ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोह की कथा सुनाई। कृष्ण- सुदामा की मित्रता और सुदामा के लिए नंगे पांव भगवान के दौड़कर आने की कथा सुन श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इस अवसर पर कथा व्यास ने कहा कि सुदामा भगवान कृष्ण के परम मित्र थे। गरीबी के बावजूद भी हमेशा भगवान के ध्यान में मग्न रहते। पत्नी सुशीला सुदामा से आग्रह करतीं कि आपके मित्र तो द्वारकाधीश हैं उनसे जाकर मिलो शायद वह मदद कर दें। सुदामा पत्नी के कहने पर द्वारका पहुंचते हैं और जब द्वारपाल भगवान कृष्ण को बताते हैं कि सुदामा आए है तो वह नंगे पैर दौड़कर आते हैं, उनकी दीन दशा देखकर कृष्ण के आंखों से आंसू निकलते हैं और उन्हीं आंसुओं से वह सुदामा के चरण धोते हैं। सभी पटरानिया...