देवरिया, नवम्बर 9 -- देवरिया, निज संवाददाता। जिले के जंगल बेलवा गांव में आयोजित शतचंडी महायज्ञ के पहले दिन कृष्ण लीला में वृदावन से आए कलाकारों ने वासुदेव-देवकी विवाह और कंस को लेकर लोक आकाशवाणी प्रसंग का मंचन किया। शुक्रवार की रात मंचन में दिखाया गया कि मथुरा के राजा उग्रसेन ने एक दिन दरबार में अपनी पुत्री देवकी के विवाह का प्रस्ताव रखा। राजा ने देवकी का विवाह वासुदेव के साथ करने का निर्णय लिया। इसका कंस और अन्य दरबारियों ने समर्थन किया। उसके बाद विवाह की तैयारी शुरू हो गई। हर तरफ उत्सव का माहौल छा गया। वासुदेव और देवकी का विवाह पूरे धूमधाम से हुआ। विवाह के बाद कंस स्वयं सारथी बनकर अपने रथ पर वासुदेव और देवकी को उनके राज्य तक पहुंचाने जा रहा था। तभी रास्ते में देवलोक से अचानक दिव्य आकाशवाणी हुई। उसमें कहा गया कि हे कंस! जिस बहन को तू इतन...