कन्नौज, जनवरी 16 -- छिबरामऊ, संवाददाता। नगर के प्रसिद्ध शनि देव मंदिर के पीछे चल रही श्रीमद् भागवत कथा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। इस पावन आयोजन में कथा व्यास पंडित हरिओम दास श्री वैष्णव जी अपनी मधुर वाणी से भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं से जोड़ रहे हैं। श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन कथा व्यास जी ने श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह के प्रसंग को बड़े ही भावपूर्ण ढंग से वर्णित किया। कैसे रुक्मिणी जी ने स्वयंवर से पहले ही श्रीकृष्ण को पत्र लिखकर अपने हृदय की भावना व्यक्त की और भगवान ने अपनी रणनीति से उन्हें अपहरण कर विवाह किया। यह कथा सुनकर भक्तों की आँखें नम हो गईं। यह प्रेम, समर्पण और दैवीय लीला का अद्भुत उदाहरण है। इसके साथ ही कृष्ण-सुदामा की मित्रता का प्रसंग भी अत्यंत मार्मिक रहा। गरीबी में रहने वाले सुदामा...