बुलंदशहर, जनवरी 25 -- नगर के बुलंदशहर बस स्टैंड के पीछे मां चामुंडा मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन वृंदावन धाम से पधारे कथावाचक शैलेंद्र शास्त्री ने जैसे ही कंस के वध की कथा सुनाई तो पूरा पांडाल "जय श्री कृष्ण" के जयकारों से गुंजायमान हो गया। शास्त्री ने बताया कि जब अक्रूर जी श्री कृष्ण और बलराम को गोकुल से मथुरा ले गए, तो वहां की जनता अपने उद्धारक को देख हर्षित हो उठी थी।मथुरा पहुँचकर प्रभु ने कुबजा का उद्धार किया और कंस द्वारा आयोजित धनुष यज्ञ की भरी सभा में विशाल धनुष को पल भर में ही तोड़ दिया था।अत्याचारी कंस ने कृष्ण को मारने के लिए कुवलयापीड़ हाथी और मुष्टिक-चाणूर जैसे पहलवानों को भेजा था।लेकिन वो श्रीकृष्ण का वध तो नहीं कर सके,लेकिन श्री कृष्ण ने उनका वध जरूर कर दिया।श्री कृष्ण ने कंस के बाल पकड़कर उसे ऊँचे सिंहास...