सिद्धार्थ, अप्रैल 12 -- भनवापुर। क्षेत्र के तेनुई गांव में चल रहे नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस गुरुवार रात को कथा वाचक आचार्य श्री छेदी राम मिश्र एवं आचार्य मदनलाल शास्त्री के द्वारा चंद्र वंश के वंशावली की कथा, भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव की कथा का वर्णन विस्तार पूर्वक किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओ की भारी भीड़ रही। चंद्रवंशावली का वर्णन करते हुए कथावाचक ने कहा कि महाराज उग्रसेन का पुत्र कंस की चचेरी बहन देवकी का विवाह श्री वासुदेव जी महाराज के साथ संपन्न हुआ । देवकी की विदाई अंतर्गत देवताओं के द्वारा बहन देवकी की विदाई स्वयं कंस अपने रथ पर बिठाकर दासियों सहित बहन के ससुराल ले जा रहा था उसी बीच में आकाशवाणी हुई जिसको सुनकर कंस भयभीत हो गया। उसके बाद वासुदेव और देवकी को कारागार में डाल दिया कारागार में ही भगवान श्री कृष्ण का जन...
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