धनबाद, नवम्बर 11 -- धनबाद, वरीय संवाददाता बालकृष्ण कृपालु आंनद धाम फाउंडेशन की ओर से सोमवार को झारखंड मैदान में सात दिवसीय भक्ति कथा की शुरुआत हुई। पहले दिन कथावाचक कृपालुजी के प्रपौत्र नीलमणी जी ने कहा कि प्रत्येक जीव सुख ही क्यों चाहता है, कोई दुःख की चाहत क्यों नहीं करता। बताया कि जीवन का वास्तविक लक्ष्य क्या है, ऐसा लक्ष्य जिसको पाने के बाद कुछ और प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं रहती क्योंकि प्रत्येक जीव कोई भी कर्म करता है तो किसी उद्देश्य से ही करता है, किसी लक्ष्य से ही करता है। सबके अलग-अलग लक्ष्य हैं, अलग-अलग कर्म हैं लेकिन हमें जानने को मिलेगा कि ऐसा भी कुछ है, जिसको पाकर कुछ पाने की चाह नहीं रहती, जीव परिपूर्ण हो जाता है। सभी दुखों से मुक्त हो जाता है। जीवन-मृत्यु, सुख-दुःख, लाभ-हानि, पाप-पुण्य सभी से परे हो जाता है। हमारा दर्शन ...
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