लखीसराय, जनवरी 17 -- चानन, निज संवाददाता। किसानों को आधुनिक कृषि व्यवस्था से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। किसानों का एक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, ताकी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, बीज अनुदान और अन्य कृषि योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से दिया जा सके। शुक्रवार को चुरामन बीघा में अमीन अनुज कुमार, संजीव कुमार एवं किसान सलाहकार बीरेन्द्र कुमार द्वारा किसानों का फॉर्मर आइडी बनाया गया। लेकिन जमीनी स्तर पर यह योजना बड़ी संख्या में किसानों के लिए नई परेशानी बनती नजर आ रही है। दरअसल, फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनाने के लिए सरकार ने यह शर्त रखी है कि किसान के नाम से जमीन की जमाबंदी दर्ज होनी चाहिए। यहीं से समस्या शुरु होती है। ग्रामीण इलाके में जमीनें आज भी दादा, परदादा या दिवंगत पिता के नाम दर्ज है। उत्तराध...
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