बोकारो, जनवरी 2 -- नावाडीह, प्रतिनिधि। नावाडीह कृषक पाठशाला परिसर में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। डीडीएम नाबार्ड फिलमोन बिलुंग ने पैक्स के कंप्यूटरीकरण की आवश्यकता पर बल देते कहा कि इससे कार्यों में पारदर्शिता और तेजी आयेगी। नाबार्ड ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सहकारिता संस्थाओं, एफपीओ और किसानों के लिए निरंतर सहयोग प्रदान करता है। उन्होंने किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना व सुकन्या समृद्धि योजना सहित अन्य योजनाओं की जानकारी देते हुए इसका लाभ उठाने की अपील की। राज्य सहकारिता बैंक फुसरो शाखा के प्रबंधक आशुतोष तिवारी ने कहा कि सहकारिता बैंक किसानों का अपना बैंक है और किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण में इसकी अहम भ...