रुडकी, दिसम्बर 3 -- अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग जन दिवस के अवसर पर बुधवार को कौशिक पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने कुष्ठ आश्रम में जरूरतमंद एवं दिव्यांग जनों के बीच गर्म कपड़ों का वितरण किया। बच्चों के साथ आए विद्यालय के शिक्षक अर्पित सैनी ने कहा कि समाज सेवा केवल एक कार्य नहीं, बल्कि जीवन की महान सीख है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि जरूरतमंदों की सहायता करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। विद्यालय के प्रधानाचार्य अरुण कर्णवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और दायित्वबोध को विकसित करते हैं। विद्यालय के संस्थापक मुकेश कौशिक ने भी विद्यार्थियों की इस पहल को सराहनीय बताया।
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