वाराणसी, जनवरी 13 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू के हिन्दी विभाग में इस वर्ष का 12वां रविशंकर उपाध्याय स्मृति युवा कविता पुरस्कार युवा कवि कुशाग्र अद्वैत को प्रदान किया गया। उन्हें प्रशस्ति चिह्न, शॉल और दस हजार की पुरस्कार राशि दी गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कवि एवं मनोचिकित्सक विनय कुमार ने कहा कि कुशाग्र संवेदना के उदात्तीकरण के कवि हैं। अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए प्रो. अवधेश प्रधान ने कहा कि कुशाग्र अद्वैत की कविताएं नए अनुभव की कविताएं हैं। पुरस्कृत युवा कवि के प्रशस्ति पत्र का वाचन वरिष्ठ कवि एवं आलोचक प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल ने किया। आत्मवक्तव्य में कुशाग्र अद्वैत ने कहा कि इन कविताओं के जरिये ही सुदूर स्थानों की यात्रा संभव हुई है। कविताओं के जरिये परकाया प्रवेश संभव हो पाता है। इनके माध्यम से मैं दूसरे के जीवन में अपने लिए ...