मऊ, फरवरी 4 -- पहसा, हिन्दुस्तान संवाद। रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र अंतर्गत धर्मागतपुर स्थित मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र में चल रहा तीन दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार को सम्पन्न हो गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माटीकला बोर्ड के पूर्व सदस्य डा.हरेंद्र कुमार प्रजापति ने कहा कि माटी कला स्वरोजगार और जीविकोपार्जन का बेहतर संसाधन है। कुम्हारी कला को आधुनिकतम स्वरूप दिए जाने की आवश्यकता है। कहा कि परंपरागत पुरातन चाक के स्थान पर इलेक्ट्रिक चाक अपनी पहचान बनाते हुए पूरी तरह से माटी कला में स्थापित हो चुका है। जिससे माटी कला से जुड़े लोग कुल्हड़, मटका, इत्यादि बनाकर बेहतर ढंग से जीविकोपार्जन कर सकते हैं तथा स्वावलंबन की दिशा में अपना बेहतर कैरियर और भविष्य संवार कर अग्रसर हो सकते हैं। माटीकला बोर्ड के पूर्व सदस्य डा.हरेंद्र कुमार प्रजापति ने कहा क...