हल्द्वानी, अगस्त 28 -- आस्था: पौराणिक कथाओं व मान्यताओं से परिपूर्ण है गौरा पर्व पिथौरागढ़ और चम्पावत में धूमधाम से मनाया जाता रुचि राठौर हल्द्वानी। सातूं-आठूं लोकपर्व कुमाऊं के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल की संस्कृति और आस्था को एक सूत्र में पिरोता है। संस्कृति और आस्था से जुड़े सातूं-आठूं व गौरा पर्व का आगाज गुरुवार को हो गया है। पहाड़ी के लोगों ने सुबह ही अनाजों को एकत्र करके बिरुड़ भिगोए और लोकपर्व की शुरुआत की। 31 अगस्त को अष्टमी पर मेला लगेगा। मान्यताओं के साथ पौराणिक आधार पर प्रत्येक वर्ष धान की रोपाई समाप्त होने के बाद इस पर्व का आगाज हो जाता है। पौराणिक मान्यता है कि मां पार्वती ने घोर तप कर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। ज्योतिषाचार्य अशोक वार्ष्णेय बताते हैं कि भादो माह में अनाज संकट की स्मृति में यह पर्व प्रारंभ हुआ था,...