कोडरमा, दिसम्बर 14 -- कोडरमा हिन्दुस्तान प्रतिनिधि कोडरमा जिले में संचालित कुपोषण उपचार केंद्र में बेडशीट तक नहीं है। मगर यहां के अधिकारी सबकुछ ठीक होने का दावा करते हैं। केंद्रों में भर्ती मरीजों के परिजनों ने बताया कि बेडशीट तक वे अपने घर से लेकर आती हैं। मालूम हो कि कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए जिले में तीन कुपोषण उपचार केंद्र संचालित है। जिले में 372 बच्चे कुपोषित हैं। छह माह से पांच वर्ष के ज्यादा कुपोषित बच्चों को कुपोषण उपचार केंद्र में ले जाया जाता है। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी रेखा रानी का दावा है कि कुपोषित बच्चों के चिन्हित करने का काम सेविका, सहायिका के साथ-साथ पोषण सखी और सहिया का सहयोग मिलता है। सहिया को कुपोषित बच्चों को उपचार केंद्र में ले जाने के लिए Rs.100 प्रति बच्चा प्रोत्साहन राशि दी जाती है। कोडरमा सदर अस्पताल स्थ...