नई दिल्ली, दिसम्बर 4 -- दिल्ली के महरौली में कुतुब मीनार से थोड़ी दूर सुल्तानपुर के पास नया शेरोज कैफे खुला है। यह दिल्ली में चौथा और देश में चौथा शेरो कैफे है, जिसे पूरी तरह से एसिड अटैक और गंभीर जलने की शिकार हुई महिलाएं चला रही हैं। मैनेजर, वेटर और टीम लीड सब यही 15 बहादुर महिलाएं हैं। मुजफ्फरनगर की 29 साल की रूपा कैफे के गेट पर ग्राहकों का स्वागत करती हैं। 13 साल की उम्र में सौतेली मां ने सोते समय उन पर तेजाब फेंक दिया था। नौवीं क्लास के बाद पढ़ाई रुक गई और 30 से ज्यादा सर्जरी हुईं। रूपा बताती हैं, "पांच साल तक मैं खाना भी मुंह ढक कर खाती थी। आज यही चेहरा दिखाकर ग्राहकों को अंदर बुलाती हूं।" लखनऊ, आगरा और नोएडा के शेरोज कैफे में ट्रेनिंग लेने के बाद उन्हें दिल्ली कैफे की टीम लीड बनाया गया है।काजल ने झारखंड से दिल्ली तक का सफर तय किया ...
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