लोहरदगा, फरवरी 4 -- लोहरदगा, संवाददाता। लोहरदगा के कुडू प्रखण्डवासियों को दो दशक से स्वच्छ और साफ पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है। प्रखण्डवासियों को नल से जल के बजाय कुएं और बोरिंग पर भरोसा करना पड़ रहा है। कुडू, टाटी और नावाटोली के ग्रामीणों को पाइप लाइन से शुद्ध पेयजलापूर्ति के लिए लगभग नौ करोड़ की लागत से बनाए गए उमरी कोयल नदी तट पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, कुडू ब्लॉक मोड़ के नजदीक बने जल मीनार और बिछाए गए पाइप लाइन अब तक सफेद हाथी ही साबित हुआ है। वहीं शरारती तत्व कुडू ब्लॉक मोड़ के समीप बनाये गए जल मीनार की सीढी तक काटकर ले गए। ग्रामीणों ने दर्जनों बार लिखित रूप से पीएचईडी औऱ जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई पर कोई लाभ अब तक नही मिल पाया। हालत यह ही कि पेयजल के लिए प्रखण्डवासियों को अच्छी- खासी रकम खर्च करनी पड़ रही है।
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