बिहारशरीफ, नवम्बर 4 -- कुछ खास : गिरियक में सौ साल पुरानी परंपरा आज फिर होगी जीवंत कार्तिक पूर्णिमा पर आज से शुरू होगा ऐतिहासिक मेला लोक संस्कृति, कुश्ती और लाठी की परंपरा से जुड़ा अनोखा पर्व चलेगा एक माह तक पावापुरी, निज संवाददाता। गिरियक में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाला ऐतिहासिक मेला बुधवार से शुरू हो जाएगा। यह मेला सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन भी है। सौ से भी अधिक सालों से यह मेला ग्रामीण जीवन, देशी कला और पारंपरिक रीति-रिवाजों का संगम बनकर लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। गिरियक की पहचान अब इस मेले से जुड़ गई है। आचार्य पंडित नीरज झा ने बताया कि प्राचीन काल में गिरियक का नाम गिरिब्रज था, जो राजगीर की पहाड़ियों से जुड़ा हुआ था। समय के साथ इसका अपभ्रंश रूप गि...