संभल, नवम्बर 30 -- 1978 के भीषण दंगों की यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं। महमूद खां सराय में एक पुराने कुएं की हो रही खुदाई ने दशकों पुराने जख्मों को उभार दिया है। शनिवार को मुरादाबाद निवासी चंद्र नागपाल संभल पहुंचे और प्रशासन से भावुक अपील करते हुए कहा कि यदि खुदाई के दौरान कोई अस्थियां मिलती हैं तो उन्हें उनके सुपुर्द किया जाए, ताकि वह विधिवत अंतिम संस्कार कर सकें। उनका मानना है कि यह अवशेष उनके उन परिजनों या परिचितों के हो सकते हैं जो 1978 के सांप्रदायिक दंगों में लापता हो गए थे। चंद्र नागपाल ने बताया कि पिता के निधन के बाद उन्हें संभल में अपनी पैतृक संपत्ति का पता चला। बराई गांव में करीब 90 बीघा जमीन, सैफ खां सराय में लगभग चार एकड़ भूमि, साथ ही कई पुराने मकान और दुकानें आज भी सरकारी अभिलेखों में दर्ज हैं। वह इन संपत्तियों का सत्यापन क...