संवाददाता, जून 22 -- पंचायतें हमेशा कबीलाई इंसाफ ही नहीं करतीं। कभी-कभी पंचों के फैसले इंसानियत को बचा लेते हैं। ऐसा ही एक मामला यहां सामने आया। गर्भस्थ बच्चे को अबॉर्शन से खत्म कराने पर आमादा कुंवारी मां के घरवालों को पंचायत ने मना लिया। धर्म की दीवार ढहाकर न केवल अजन्मे बच्चे की जान बचा ली, बल्कि दोनों परिवारों की कटुता भी कम कर दी है। शनिवार दोपहर एक मुस्लिम परिवार कुंवारी गर्भवती बेटी को लेकर कल्याणपुर के एक निजी अस्पताल पहुंचा। वे अबॉर्शन कराना चाहते थे। उधर युवती फूट-फूट कर रो रही थी। अस्पताल निदेशक के मुताबिक अकेले में पूछने पर उसने बताया कि परिवार जबरन अबॉर्शन करा रहा है। उसने अस्पतालकर्मियों से फोन मांग कर प्रेमी को इसकी सूचना दे दी। प्रेमी हिन्दू युवक है, जो पुलिस लेकर अस्पताल पहुंच गया। जहां हंगामा होने लगा। पुलिस दोनों पक्षों ...
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