लखनऊ, दिसम्बर 2 -- रहीमाबाद, संवाददाता। आम के पेड़ों को सूखने से बचाने के लिए कौशल ने तमाम कीटनाशकों का प्रयोग किया, लेकिन कीड़े नहीं मरे। कई पेड़ सूख गये। कीड़ों से हार चुके किसान ने फिर बुजुर्गों से सुनी एक देशी तकनीक का इस्तेमाल किया। इसका परिणाम गजब का आया। कीड़े मर गये और पेड़ हरेभरे हो गये। इस तरह से किसान कौशल ने अपने बाग के करीब तीन दर्जन पेड़ों को नया जीवन दिया। अब कौशल की इस देशी तकनीक का इस्तेमाल अन्य बागवानों ने भी अपनाना शुरू कर दिया है। फल पट्टी क्षेत्र में आम के पेड़ों में कई प्रकार के रोग लगते हैं। इनमें से तना छेदक कीड़ा सबसे खतरनाक है। यह जमीन से लकड़ी काटकर अंदर घुस जाता है। धीरे-धीरे यह छेद करते हुए पूरे पेड़ को लगभग दो से ढाई साल में सुखा देता है। कौशल के कीड़े से पेड़ों को बचाने के लिए तमाम दवाओं का प्रयोग किया। कई व...