बागपत, जुलाई 12 -- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लिए टिकरी और टटीरी कस्बे की भूमि अधिग्रहित की गई थी। किसानों का आरोप है कि अधिग्रहित भूमि दोनों कस्बों के बाहरी क्षेत्र में होने के बावजूद उसे शहरी क्षेत्र मानकर केवल दो गुना मुआवजा दिया गया, जबकि उन्हें चार गुना मुआवज़ा मिलना चाहिए था। किसानों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और डीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि पूर्व में 83 दिन धरना देने के बाद नरेश टिकैत की मौजूदगी में एडीएम समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने उचित मुआवज़ा दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने डीएम से मांग की है कि वे विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए एक जांच कमेटी गठित करें और मुआवज़े का पुनर्मूल्यांकन कराएं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा आं...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.