संतकबीरनगर, अगस्त 19 -- संतकबीरनगर, निज संवाददाता। जिले में गन्ने की खेती को नगदी फसल के रूप में जाना जाता है। यही कारण है कि किसान गन्ने की बुवाई करते हैं और उन्हें सत्र में एकमुश्त रुपया मिल जाता है। सहकारी जिला गन्ना विकास समिति के सचिव भगवत शरण दीक्षित ने सोमवार को थवईपार में कैंप का आयोजन कर किसानों को गन्ने की उन्नत खेती के बारे में जानकारी दी। कैम्प के बाद सचिव गांव के गन्ना किसान के खेत पर उप्र -05125 ऑटम प्रजाति का जायजा लिया। कहां कि इस प्रजाति का गन्ना उत्तम कोटि का होता है। सर्वाधिक उपज वाली प्रजाति इसे मानी जाती है। समिति के सचिव ने किसानों को गन्ने की बंधाई करने पर जोर दिया। कहा कि बंधाई करने पर गन्ने की फसल गिरती नहीं और वजन भी अधिक होता है। इस मौके पर गांव के रामजी सोनी, हृदय राम, बजरंगी लाल, सीताराम चौधरी आदि मौजूद रहे।
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