नैनीताल, नवम्बर 21 -- नैनीताल, संवाददाता। डीएसबी परिसर के जंतु विज्ञान विभाग में विश्व मत्स्य दिवस के मौके पर मॉर्डन फिश कल्चर प्रैक्टिसेज विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में किसानों और छात्रों को बायोफ्लॉक फिश टेक्नोलॉजी की जानकारी दी गई। 30 किसानों को मत्स्य पालन का प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य अतिथि कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत, मुख्य वक्ता श्रीदेव सुमन विवि के डॉ. विशाल दत्ता और दिल्ली विवि के डॉ. लुकराम इंगोचोबा मितयी रहे। संचालन संयोजक प्रो. एचसीएस बिष्ट ने किया। इस दौरान छात्रों को नदी, झील और नालों में मत्स्य पालन कर स्वरोजगार स्थापित करने की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा की रोजगार केवल नौकरी नहीं है, बल्कि स्वावलंबी होना ही असल मायने में रोजगार है। कुलपलि प्रो. डीएस रावत ने कहा कि डीएसबी में बायोफ्लॉक प्रयोगात्मक रूप...