गंगापार, अक्टूबर 16 -- भारत को किसानों का देश कहा जाता है। जो देश का पेट पालते हैं साथ ही गाढ़े समय में देश के साथ पूरे प्राणप्रण से खड़े रहते है। इसीलिए पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री जी ने कहा था जय जवान, जय किसान। लेकिन इन किसानों के सामने समस्याओं के अंबार लगे हुए है, उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं दिखता। सरकारें भी सिर्फ घोषणाओं के भरोसे हैं। उनकी घोषणाओं और योजनाओं का धरातल पर कितना अनुपालन हो रहा है, क्या वह पात्र व्यक्ति तक पहुंच रहा है, क्या अनुपालन पूर्णतः भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी है, इसकी खबर कौन लेगा यह प्रमुख विषय है। उक्त बातें ब्लॉक फूलपुर के परिसर में नव भारत किसान संगठन (अराजनैतिक) के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सूर्यमणि शुक्ल ने कहीं। प्रदेश अध्यक्ष महिला मोन...
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