जमुई, नवम्बर 4 -- लक्ष्मीपुर । निज संवाददाता किसानों के मेहनत पर कहर बनकर आया मौथा चक्त्रवाती तूफान।बीते तीन दिन लगातार तेज हवा और बारिश ने किसानों को भारी नुकसान हुआ किसानों ने अच्छी उपज के लिए खरीफ फसल में मंहगे और उन्नत किस्म के धान की रोपनी किया। तेज हवा और बारिश ने पके धान के पौधे को गिरा दिया। वहीं कटे धान पानी में डूबा है उसके बाद किसानों ने आलू और तेलहन में सरसों की बुआई किया था। जो सरसों उग आए और ऊंचे जमीन पर था। उसमें तो बारिश का पानी ने लाभ पहुंचाया।वहीं ताज़ा लगे आलू में बारिश के पानी जमने से बीज सड़ने लगे। जिसका सीधा असर किसानों की अर्थ व्यवस्था पर पड़ेगा। जिसका भरपाई किसानों के लिए करना मुश्किल है। समय से मानसून आने और बारिश होने से किसानों को अच्छी धान उपज के आसार थे।लेकिन अब उसपर पानी फिर गया। चुंकि तूफान और बीमारी लगने से त...
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